सहायता चाहिए?
संतोषी दीदी कल्याण फाउंडेशन, ओबरा (औरंगाबाद, बिहार) बाल विवाह की बुराई को समाप्त करने और बच्चों विशेषकर ग्रामीण व वंचित क्षेत्रों की बेटियों के अधिकारों की रक्षा हेतु समर्पित एक प्रयास है।
हम समाज में जागरूकता फैलाते हैं, ताकि लोग समझ सकें कि समय से पहले विवाह बच्चों के जीवन पर कितना नकारात्मक असर डालता है। हम शिक्षा और मानसिक परिपक्वता को विवाह से पहले आवश्यक मानते हैं और जैसे ही हमें कहीं बाल विवाह की सूचना मिलती है, हमारी टीम तत्काल उसे रोकने के लिए सक्रिय हो जाती है और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
हम उन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का भी साथ देते हैं, जिनकी बेटियों का विवाह कानूनी आयु में होता है। उनके लिए हम बिस्तर की चादरें, कपड़े, ट्रंक, पंखे और अन्य घरेलू आवश्यकताएं उपहारस्वरूप देते हैं, ताकि उनका आर्थिक बोझ कुछ कम हो सके।
हमारा विश्वास सरल है, लेकिन संदेश गहरा
हर बच्चा एक सुरक्षित, खुशहाल और शिक्षित बचपन का अधिकारी है।
सहायता चाहिए?
बाल विवाह , भ्रूण हत्या पर रोक लगाना | जबरन दहेज वाले लोग पे रोक लगाना | इनसे उत्पन्न समस्याओं के प्रति जागरूक करना |
बाल विवाह पर पूर्ण रोक लगाना एवं कन्याओं से सम्बंधित कल्याणकारी सरकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से सफलीभूत करना |
कन्याओं के विवाह के समय विदाई सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान करते हैं, साथ ही बालिकाओं को करियर में सशक्तिकरण और जागरूकता के लिए मार्गदर्शन करते हैं।
बेटी का सपना, शिक्षा अपना।
बाल विवाह बच्चों के जीवन के लिए अत्यंत हानिकारक है और इसका प्रभाव केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि परिवार और समाज पर भी गंभीर होता है। भारत में, विशेष रूप से बिहार के ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में, गरीब और अशिक्षित परिवारों में लड़कियों की शादी अक्सर छोटी उम्र में कर दी जाती है। इससे उनका बचपन छीन लिया जाता है, उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है और भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं। छोटी उम्र में विवाह और गर्भधारण से लड़कियों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर बढ़ जाती है। बाल विवाह परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक दबाव भी डालता है और लड़कियों के आत्मनिर्भर बनने के अवसर कम कर देता है। समाज में इसका व्यापक प्रभाव दिखाई देता है – अशिक्षा, गरीबी, असमानता और महिलाओं के अधिकारों का हनन बढ़ता है। इसलिए पूरे भारत, विशेष रूप से बिहार के ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में बाल विवाह को रोकना अत्यंत आवश्यक है। हर बच्ची का हक है सुरक्षित बचपन, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य, और इसके लिए परिवारों और समाज को जागरूक करना और सक्रिय कदम उठाना बेहद जरूरी है।
संतोषी दीदी कल्याण फाउंडेशन समाज में बदलाव लाने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहा है। यह संस्था बाल विवाह रोकने के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाती है, जहां बच्चों और अभिभावकों को इसके नुकसान और कानूनी पहलुओं के बारे में बताया जाता है। गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में यह संस्था जरूरी उपहार और सहायता देकर उनका आर्थिक बोझ कम करती है, ताकि वे अपनी बेटियों की शादी सम्मानपूर्वक कर सकें। साथ ही, संस्था बाल श्रम रोकने के लिए काम करती है, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करती है और उनके लिए शिक्षा व कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराती है। जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में यह संदेश फैलाया जाता है कि हर बच्चा शिक्षा, सुरक्षा और खुशहाल बचपन का हकदार है।
छोटा सा दान, बड़ा सा बदलाव
बाल विवाह वह है जिसमें लड़की की शादी 18 साल से पहले और लड़के की शादी 21 साल से पहले कर दी जाती है। यह गलत है क्योंकि यह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को नुकसान पहुँचाता है, उनके मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा डालता है और कानून के अनुसार यह एक अपराध है।
बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत, 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के की शादी अवैध है और इसमें शामिल लोगों पर सजा और जुर्माना हो सकता है।
हमारा उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना, माता-पिता को शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में समझाना, और समाज में बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। इस अभियान में हर कोई जुड़ सकता है , माता-पिता, शिक्षक, छात्र, पंचायत, NGO, और हर वह व्यक्ति जो बच्चों के अधिकार और सुरक्षित भविष्य के लिए काम करना चाहता है। आप स्वयंसेवक बनकर जागरूकता फैला सकते हैं, सोशल मीडिया पर हमारी मुहिम साझा कर सकते हैं, आर्थिक या सामग्री सहायता दे सकते हैं, और स्थानीय स्तर पर निगरानी में सहयोग कर सकते हैं।
बाल श्रम बच्चों का बचपन, स्वास्थ्य और शिक्षा छीन लेता है। असुरक्षित माहौल में काम करने से शारीरिक चोटें, विकास में रुकावट और मानसिक नुकसान होता है, जिससे वे गरीबी के चक्र में फँसे रहते हैं। इसे खत्म करने के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, परिवारों को आर्थिक सहायता, बड़ों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, कड़े कानून का पालन और ऐसे जागरूकता अभियान जरूरी हैं जो माता-पिता को जल्दी आय के बजाय शिक्षा का महत्व समझाएँ।
हमें संतोषी दीदी कल्याण फाउंडेशन को दान इसलिए करना चाहिए क्योंकि यह संस्था समाज में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कार्य कर रही है। यह ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने, जागरूकता फैलाने, गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाने, बाल श्रम समाप्त करने और जरूरतमंद परिवारों को विवाह में उपहार देकर सहयोग करने जैसे नेक कार्य करती है। आपके द्वारा दिया गया हर योगदान इन बच्चों और परिवारों के जीवन में उम्मीद की नई किरण ला सकता है, उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकता है।